संदेश

स्कूल बैग

चित्र
पापा    बैग बहुत भाड़ी हैं ... बच्चे की आवाज  आप कभी कभी अनसुना कर देते है...                                                            इस बैग में छिपा हैं IS,IPS,Commissioner,Politician,Artist और ना जाने कितने सपने हैं यह बैग बहुत ही भारी हैं मगर इसे उठाना भी जरुरी हैं क्योंकी किसी की तम्मना किसी की लालसा और किसी की पूरी जमा पूंजी लगा हैं I यह बैग जादू वाला बैग है इसे हम आप सभी ने बहुत पहले ही उठा चुके हैं और अपने मुक्कमल स्थान तक शायद पहुँच गये होंगे जो नहीं पहुँचा वह अभी भी जदोंजहद मेहनत कर रहे हैं किसी तरह अपने सपने को साकार कर सके,किसी को मंजिल जल्दी मिल जाती हैं किसी को देर से और किसी को बहुत मेहनत करनी पड़ती हैं पहुँचाने में,लेकिन पहुँचते हैं सभी किसी को कुछ कसर रह जाती है और किसी को उपहार ही उपहार मिलती हैं I आज कल ये बैग बहुत ही भारी हो गया हैं पहले के ज़माने में बैग इतनी भारी नहीं थी हम किसी थैला या हाथ में ही ...

मोबाइल से दूर रखें

चित्र
समय रहते सब ठीक करें. .       हमारा देश कितना सुंदर है चारों तरफ हरियाली नदी नहर झरने सुंदर सुंदर पेड़ पौधे सुंदर सुंदर जानवर सारे प्राकृतिक के चीज भरपूर हैं इसलिए भारत सबसे अलग देश हैं इसकी ख्याति दूर दूर तक फैली हुए हैं हमारे देश में बाहर से लोग घुमने और यहाँ की मनोरम दृश देखने आते हैं बाहर के पर्यटक खुश हो कर जाते हैं और दुवारा आयेंगे कह कर जाते हैं इसको बनाने वाले ने भी बहुत शिद्दत से बनाया होगा आप अगर सारे देश का भ्रमण करेंगे तो आपको हमारे देश से अच्छा और कोई देश नहीं लगेगा लेकिन अगर आप भ्रमण नहीं करोगे तो आप यही बोलोगे विदेश कितना अच्छा है        हमारे देश से अच्छा हैं हमारे देश के लोग भी बहुत अच्छा हैं सीधे साधे आप उन्हें जैसे ढालना चाहोगे वह वैसे ही ढल जायेंगे बहुत ही सीधे हैं भारत के लोग,इन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रहता हैं दो वक़्त की रोटी मिल जाये उसके लिए वह खेती काम धन्धे बहुत कुछ करने को तात्पर्य हो जाते हैं और गाँव से शहर और शहर से विदेश तक चले जाते हैं और अपने परिवार को बहुत खुश रखते हैं जैसे जैसे देश तरक्की कर रहा हैं वैसे वैसे लोग भी ...

कुर्सी

चित्र
                                                                                                                                         हमारे देश में कुर्सी कब आई और इसको क्यों बनाया गया था कुर्सी की अहमियत कितनी हैं इसमे बैठने वाला अपने आप को कैसा महसूस करता है ये तो वही बता सकता हैं जो उस कुर्सी में बैठा हैं चाहे वह नेता हो या अभिनेता या एक बच्चा वो खुद ही बोलेगा की यह कुर्सी उसके लिए कितना अहमियत रखता हैंऔर वह उस कुर्सी को क्यों नहीं छोड़ना चाहता हैं I  कुर्सी किसी ने शुरुआत में बनाया नहीं था मिस्र के लोगो ने 2680 ईसा पूर्व जब कब्रों की खुदाई की तो उन्हें एक अजीब सी एक्स आकार की कोई चीज मिली उस समय  लोगों को कुछ समझ नहीं आया की यह हैं ...

सुखी कौन

चित्र
       मेरा सवाल सुखी कौन हैं ?   सुखी वही हैं जिसपर कोई कर्ज नहीं हैं,लेकिन ये बात 3000 साल पुरानी हैं ये द्वापर युग की बात हैं उस समय की बात अच्छी लगती हैं हमने तो कहानियों और किताबों में सुना हैं लोग झुट नहीं बोलते थे और एक दुसरे को कभी ठगते नही थे,लोग सच्चे थे और लोग अच्छे थे I कलयुग आज की बात करते हैं आज कोई सुखी नहीं हैं आज आप लोगों को एक ऐसी जानकारी दे रहा हूँ जो हर किसी की जिंदगी से जुड़ी हुई हैं I लोग गाँव में रहते हैं लेकिन पढ़े लिखे लोग गाँव में रहना पसंद नहीं करते हैं उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की तम्मना रहती हैं I किसी कम्पनी में काम करना शूट बूट टाई पहन कर जाना ,दफ्तर के कर्मचारी सलाम करे ये सब सपने लेकर गाँव से शहर में अपनी जिंदगी शुरू करने के लिए नौकरी,व्यापार और दुकान बहुत सारी सपने शुरू करने के लिये गाँव से या दुसरे शहर से आकर सुखी जीवन की तलाश करते हैं और शहर में अपनी जिंदगी चलाने के लिए क्या क्या नहीं करते हैं अपनी सारी ताकत एजुकेशन मेहनत सभी लगा देते हैं काम तो मिल जाता हैं मगर घर चलाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं कमा पाते हैं काफी मेहनत करते हैं की ...

ऑपरेशन सुरंग

चित्र
             उत्तराखंड की   उत्तरकाशी..        भगवान विश्वनाथ के उत्तरकाशी एक तरफ प्राक्रतिक सौंदर्य और पहाड़ो से बहती नदियाँ दूसरी तरफ पहाड़ों और जंगलों से घिरा मानो स्वर्ग धरती में उतर आई हो ऐसा प्रतीत होता हैं I यहाँ का मौसम बहुत ही लुहावनी और मनोरंम,पहाड़ो पर मानो बर्फ की चादर बिछी हो I यह शहर भागीरथी और गंगा नदी के तट पर स्थित हैं,यहाँ लोग साहसिक और पर्यटन के लिए आते हैं I इसके रास्ते में चार धाम आते हैं बद्रीनाथ,केदारनाथ,गंगोत्री और यमुनोत्री हैं जो भारत में बहुत प्रसिद्ध हैं I       उत्तरकाशी  जिले का निर्माण 24 फ़रवरी 1960 को हुआ था यह एक धार्मिक नगरी हैं यहाँ पवित्र गंगा नदी का उध्गम स्थल हैं I यहं भगवान् विश्वनाथ का प्रसिद्ध मंदिर हैं यह नगरी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर हैं I प्रशासनिक कार्य के लिए  उत्तरकाशी  को ६ तहशील और २ उप-तहशीलों में बांटा गया जिसमें भटवाड़ी,डुंडा,चिन्याली सौड़,बड़कोट,पुरोला,मोरी (जोशियाड़ा और धौंतरी ) ये दोनों उप-तहशील हैं I उत्तरकाशी की कुल आबादी २०११ की जनगणना के अनुसार ...

लाइट् कैमरा एक्शन

चित्र
       करीब  200  साल अंग्रेजो की गुलामी करने के बाद 15अगस्त 1947को भारत को आज़ादी मिली I इससे पहले  अंग्रेजो ने 1747 से लेकर 1947तक भारत को ईस्ट इंडिया कम्पनी के नाम से और कंट्रोल ब्रिटेन किया करते थे I देश के स्वतंत्रता सेनानीयों की साहस और हिम्मत की वजह से अंग्रेजो को घुटने टेकने पड़े और हमें आज़ादी मिली I काफी लोगों ने बलिदान दे कर देश को आजादी दिलाई I       आज़ादी मिलने के दौर और गुलामी के दौर में अंग्रेजो ने रेडियो प्रसारण की शुरुआत हुई I मीडिया के प्रसार को आगे बढ़ने और बढ़ावा देने के लिए इसकी गुणवता को जबरदस्त बढ़ोतरी हुई I इसी बीच टीवी का भी आगमन हुआ,मुद्रित मीडिया निजी क्षेत्रो के हाथों में और रेडिओ,टीवी सरकार ने अपने हाथों में लगाम लिये I 1959 में शिक्षात्मक उद्देशों के लिए दूरदर्शन की शुरुआत हुई I समाचार पत्र में भारत विश्व का सबसे बड़ा देश हैं,उपग्रह चैनलों में हमारा देश भारत के 690 चैनल हैं I जिसमें 80 न्यूज़ समाचार चैनल हैं I समाचार पत्रों की बहुत बोलबाला थी,न्यूज़ चैनल बहुत कम होने की वजह से लोग ज्यादा समाचार पत्र पढ़ा करते थे और दू...

ईमानदारी

चित्र
ईमानदारी की मिशाल     व्यक्ति के र्त क व्य को पालन करने के लिए पूरी निष्ठा,निष्पक्षता,पारर्देशिता और सत्यानिष्ठा चोरी धोखा इन सभी चीजों से दूर रहना और अपने कर्त्तव्य का हमेशा जेहन में रखना हर किसी के बस की बात नहीं हैं और इन सभी चीजों से परे होना बहुत कम लोगों में होता हैं ऐसे बहुत ही कम इंसानों में होता हैं इनसे परमात्मा भी बहुत खुश होते हैं और इनकी सहायता भी करते हैं इनको बहुत सारी यातनाओ से गुजरना पड़ता हैं तब जा के वो एक ईमानदार इन्सान में गिनती होती  हैं I ईमानदार इन्सान को इस दुनिया में जीना मुश्किल नहीं थोड़ा मुश्किल जीना कह सकते हैं I ये सर तो उठा के जीते हैं लोग इनकी तारीफ भी करते हैं मान सम्मान भी बहुत मिलते हैं लेकिन ये सारी जिन्दगी दुःख और परिवार को सँभालने में कब ये अपनी जिन्दगी के वो पल खो देते है, उन्हें पता ही नहीं चलता हैं आज हमारे देश में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपनी जिंदगी ईमानदारी से काट रहे हैं और वो किसी को अपनी ईमानदारी की सबूत देने की जरुरत नहीं समझाते हैं बस वो अपना काम किये जा रहे हैं I     ये हैं श्रध्दानन्दजी       जै...

त्याग

चित्र
                                                "बाबा आप की कृपा अपरमपार हैं आप महान हो साईं"           बहुत समय पहले की बात हैं ये बात कोरोना काल की हैं सन २०२१ मार्च की बात हैं कोरोना चाइना से भारत में शुरुआत हुई थी एक साधारण सा परिवार किसी तरह से पैसे की व्यवस्था कर के शिर्डी जाने की तेयारी कर रहे थे ये परिवार शिर्डी साईं बाबा से बहुत लगाव था ये लोग बाबा को बहुत मानते हैं इनकी आस्था बाबा पर बहुत थी कोई भी काम करने से पहले शिर्डी साईं बाबा से आशीर्वाद ले के करते थे और बाबा भी इनकी बात सुनते और कोई विपति आने से पहले इन्हे आगाह कर देते थे ये छोटा सा परिवार बाबा को बहुत मानते हैं इस परिवार में मियां बीबी और एक बहुत सुंदर सी इनकी एक बिटिया हैं बिटिया भी बाबा को दादू बोलते थे I मम्मी दादू से मिलने शिर्डी कब हमलोग जायेंगे माँ बोलती, बेटा पापा पैसे की इंतजाम कर रहे हैं फिर हम लोग जायेंगे ऐसे कह कर बिटिया को सातवाना देते थे बिटिया भी चुप हो जाती...

One Cup of Tea

चित्र
                              देश में सभी वर्ग के लोग चाय पीते हैं बड़े ही चुस्की और मजे से,चाय यह नहीं देखती की कौन बड़ा कौन छोटा,कौन अमीर कौन गरीब ये सभी  जगह घुमती हैं  सभी के होठों से लगती हैं चाय वही हैं मगर पद के मुताबिक प्याला "कप"  अलग अलग हो जाता हैं I "Cups gets separated according to positions" क्या एक गरीब  BONE CHAINA Cup में चाय पी सकता हैं ..         चाय का नाम सुनते ही मन में एक ताजगी सी आती हैं और क्यों ना आये चाय चीज ही ऐसी हैं की सुनने के बाद ये पीने का मन करता हैं कब चाय मिले उसमें भी मन में एक ही ख्याल आता हैं की वो चाय कड़क और स्वादिस्ट और सुनहरा खुशबू हो मतलब की चाय का नाम सुनते ही मन चहक जाता हैं अगर ठंड में मिल जाये तो क्या बात हैं सोने पे सुहागा इस चाय से मस्तिष्क को ताजगी मिलती हैं और यह बहुत तेजी से काम करने लगती हैं चाय पीने के बाद सारी थकावट दूर हो जाती हैं कभी कभी तो ऐसा लगता हैं की अगर सुबह चाय ना मिले तो सारा दिन ख़राब हो जाता हैं क्यो...