'कंधो पर जिंदगी"
बादल गोस्वामी कुछ अलग कहानियां.com पढ़ने का समय : 2 मिनट "कभी कभी सड़क पर मिले लोग, हमे जिंदगी की सबसे बड़ी सीख दे जाते है..." इस उम्र में इतना मेहनत मात्र 250 रूपये के लिए छोटेलाल हर सुबह कुछ उम्मीद लेकर घर से निकलते हैं I उनके पांच बेटे हैं जो उन्हें छोड़ चुके हैं, बच्चों के छोड़ने से छोटेलाल बहुत अकेला हो गया था I माँ - बाप क्या कर हैं वो जिन्दा हैं या नहीं बेटें कोई खबर नहीं लेते I पांच बच्चों को पढ़ा - लिख कर काबिल बनाया, दिन रात मेहनत मजदूरी की मगर अंत मैं क्या मिला, बेटें उन्हें छोड़ कर अलग रहने लगे I छोटेलाल की पत्नी कैंसर बीमारी से लड़ रही हैं, गाँव में थोड़ी जमीन थी पत्नी के इलाज में वो भी बिक चूका था I कंधों पर जिंदगी,दिल में दर्द.. जिसने सब को संभाला, आज खुद अकेला हैं, पत्नी ही छोटेलाल का अब परिवार हैं, वो अपनी पत्नी क...