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ईमानदारी

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ईमानदारी की मिशाल     व्यक्ति के र्त क व्य को पालन करने के लिए पूरी निष्ठा,निष्पक्षता,पारर्देशिता और सत्यानिष्ठा चोरी धोखा इन सभी चीजों से दूर रहना और अपने कर्त्तव्य का हमेशा जेहन में रखना हर किसी के बस की बात नहीं हैं और इन सभी चीजों से परे होना बहुत कम लोगों में होता हैं ऐसे बहुत ही कम इंसानों में होता हैं इनसे परमात्मा भी बहुत खुश होते हैं और इनकी सहायता भी करते हैं इनको बहुत सारी यातनाओ से गुजरना पड़ता हैं तब जा के वो एक ईमानदार इन्सान में गिनती होती  हैं I ईमानदार इन्सान को इस दुनिया में जीना मुश्किल नहीं थोड़ा मुश्किल जीना कह सकते हैं I ये सर तो उठा के जीते हैं लोग इनकी तारीफ भी करते हैं मान सम्मान भी बहुत मिलते हैं लेकिन ये सारी जिन्दगी दुःख और परिवार को सँभालने में कब ये अपनी जिन्दगी के वो पल खो देते है, उन्हें पता ही नहीं चलता हैं आज हमारे देश में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपनी जिंदगी ईमानदारी से काट रहे हैं और वो किसी को अपनी ईमानदारी की सबूत देने की जरुरत नहीं समझाते हैं बस वो अपना काम किये जा रहे हैं I     ये हैं श्रध्दानन्दजी       जै...

त्याग

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                                                "बाबा आप की कृपा अपरमपार हैं आप महान हो साईं"           बहुत समय पहले की बात हैं ये बात कोरोना काल की हैं सन २०२१ मार्च की बात हैं कोरोना चाइना से भारत में शुरुआत हुई थी एक साधारण सा परिवार किसी तरह से पैसे की व्यवस्था कर के शिर्डी जाने की तेयारी कर रहे थे ये परिवार शिर्डी साईं बाबा से बहुत लगाव था ये लोग बाबा को बहुत मानते हैं इनकी आस्था बाबा पर बहुत थी कोई भी काम करने से पहले शिर्डी साईं बाबा से आशीर्वाद ले के करते थे और बाबा भी इनकी बात सुनते और कोई विपति आने से पहले इन्हे आगाह कर देते थे ये छोटा सा परिवार बाबा को बहुत मानते हैं इस परिवार में मियां बीबी और एक बहुत सुंदर सी इनकी एक बिटिया हैं बिटिया भी बाबा को दादू बोलते थे I मम्मी दादू से मिलने शिर्डी कब हमलोग जायेंगे माँ बोलती, बेटा पापा पैसे की इंतजाम कर रहे हैं फिर हम लोग जायेंगे ऐसे कह कर बिटिया को सातवाना देते थे बिटिया भी चुप हो जाती...

One Cup of Tea

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                              देश में सभी वर्ग के लोग चाय पीते हैं बड़े ही चुस्की और मजे से,चाय यह नहीं देखती की कौन बड़ा कौन छोटा,कौन अमीर कौन गरीब ये सभी  जगह घुमती हैं  सभी के होठों से लगती हैं चाय वही हैं मगर पद के मुताबिक प्याला "कप"  अलग अलग हो जाता हैं I "Cups gets separated according to positions" क्या एक गरीब  BONE CHAINA Cup में चाय पी सकता हैं ..         चाय का नाम सुनते ही मन में एक ताजगी सी आती हैं और क्यों ना आये चाय चीज ही ऐसी हैं की सुनने के बाद ये पीने का मन करता हैं कब चाय मिले उसमें भी मन में एक ही ख्याल आता हैं की वो चाय कड़क और स्वादिस्ट और सुनहरा खुशबू हो मतलब की चाय का नाम सुनते ही मन चहक जाता हैं अगर ठंड में मिल जाये तो क्या बात हैं सोने पे सुहागा इस चाय से मस्तिष्क को ताजगी मिलती हैं और यह बहुत तेजी से काम करने लगती हैं चाय पीने के बाद सारी थकावट दूर हो जाती हैं कभी कभी तो ऐसा लगता हैं की अगर सुबह चाय ना मिले तो सारा दिन ख़राब हो जाता हैं क्यो...