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ग्रहों की भूमिका..

      हमारा देश भारत रहस्यों से भरा हुआ हैं और हमारी सभ्यता जितनी प्राचीन है उतनी ही प्राचीन हमारा मंदिर भी हैं हजारो सालों से अपने भीतर अनेक रहस्य समेटे हुए हैं I हिन्दू रीतिरिवाज के मुताबिक जैसे ही किसी का जन्म होता हैं जन्म के साथ ही उसका भविष्य भी तय हो जाता हैं इसमें कहा जाता हैं की जन्म के साथ ही आपके ग्रह आपकी आगे की दिशाओं को तय कर देते हैं I भविष्य में आप क्या बनेगें आपके उपर कौन सी साया होगी, किस तरह से आपका अच्छा समय होगा, कब आपका बुरा समय होगा I ये सब कुछ तय हो जाता हैं और इसे Astrology कहते हैं, ज्योतिशास्त्र के अनुसार जिस प्रकार Gravitational force हैं, यह किसी के segment देखकर नहीं आता हैं I आप विश्वास करो या ना करो गुरुत्वाकर्षण आपके ऊपर काम तो करगी I यह ग्रह गोचर आप लाखों किलोमीटर दूर मैं बैठें हो या कही भी हो आपके ऊपर काम करेगी ही करेगी I        हजारों साल तक जब आकाश को observe किया गया rules बनाये गये और उस rule के हिसाब से लोगों ने जाना की आसमान में जब चंद्रमा पूरा होता हैं तो इन्सान का nature कुछ होता है आमावस्या होती तो सोच ...

मोरबी एक दुःखद (हादसा)

  मोरबी पुल        मोरबी गुजरात राज्य के जिले में स्थित एक नगर है इसे “मोरवी” के नाम से भी जाना जाता हैं, परन्तु अभी लोगो के जुबान पर “मोरबी” हैं टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्ट के मुताबिक १५ फरवरी,१९४८ में यह सौराष्ट्र में मिला दिया गया और वर्त्तमान में यह एरिया गुजरात राज्य का हिस्सा हैं I गुजरात में मोरबी राज्य को एक अलग पहचान देने के उद्देश्य से बनाया गया था मोरबी मुख्यालय भी हैं जिले का,यह हमेशा आकर्षण का केंद्र रहा हैं गुजरात में एक विख्यात नगर है ”मोरबी”         मोरबी नगर (हैंगिंग ब्रिज,केवल ब्रिज,रस्सी पुल और राम-लक्ष्मण झुला) के नाम से बहुत विख्यात हैं I इसे “मोरबी पुल” भी कहते हैं यह पुल ६४ किलोमीटर राजकोट की दूरी पर स्थित “मच्छु नदी” पर बना हुआ हैं जानकारों का कहना हैं,की इस पुल का निर्माण १८८७ में मोरबी शासको द्वारा कराया गया था I इसकी लम्बाई १.२५ मीटर और चौड़ाई २३३ मीटर हैंI  यह १४२ साल पुराना हैं,दरवारगढ़ महल और लखधीरजी इंजीनियरिंग कॉलेज को जोड़ने का काम करता है I मोरबी का शानदार पुल खास कारीगरी के लिए प्रसिद्ध रहा हैं I १९७९...