ऑपरेशन सुरंग
उत्तराखंड की उत्तरकाशी..
भगवान विश्वनाथ के उत्तरकाशी एक तरफ प्राक्रतिक सौंदर्य और पहाड़ो से बहती नदियाँ दूसरी तरफ पहाड़ों और जंगलों से घिरा मानो स्वर्ग धरती में उतर आई हो ऐसा प्रतीत होता हैं I यहाँ का मौसम बहुत ही लुहावनी और मनोरंम,पहाड़ो पर मानो बर्फ की चादर बिछी हो I यह शहर भागीरथी और गंगा नदी के तट पर स्थित हैं,यहाँ लोग साहसिक और पर्यटन के लिए आते हैं I इसके रास्ते में चार धाम आते हैं बद्रीनाथ,केदारनाथ,गंगोत्री और यमुनोत्री हैं जो भारत में बहुत प्रसिद्ध हैं I
उत्तरकाशी जिले का निर्माण 24 फ़रवरी 1960 को हुआ था यह एक धार्मिक नगरी हैं यहाँ पवित्र गंगा नदी का उध्गम स्थल हैं I यहं भगवान् विश्वनाथ का प्रसिद्ध मंदिर हैं यह नगरी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर हैं I प्रशासनिक कार्य के लिए उत्तरकाशी को ६ तहशील और २ उप-तहशीलों में बांटा गया जिसमें भटवाड़ी,डुंडा,चिन्याली सौड़,बड़कोट,पुरोला,मोरी (जोशियाड़ा और धौंतरी ) ये दोनों उप-तहशील हैं I उत्तरकाशी की कुल आबादी २०११ की जनगणना के अनुसार 3,30,090 हैं I यह ऋषिकेश के निकट एक पवित्र शहर हैं यह उतराखंड राज्य में स्थित हैं यह "नारायण गाल" के नाम से भी पुराने ज़माने में जाना जाता हैं I उत्तरकाशी को शिवनगरी भी कहा जाता हैं I यहाँ की सबसे पुरानी जाति "खस" हैं यहाँ की भाषा गड्वाली और कुमाउनी बोली जाती हैं,उत्तरकाशी देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध हैं I
उत्तरकाशी क्यों चर्चा में...
आज कल उत्तरकाशी एक बहुत बड़ी चर्चा में हैं चारधाम परियोजना के तहत यहाँ पहाड़ों को छेद कर सुरंग बनाया जा रहा था,कुछ दिन पहले उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के पहाड़ों पर निर्माणाधीन सिल्क्यारा बड़लोट सुरंग ढह गया हैं I रोज जैसे काम पर जाते हैं वैसे ही श्रमिक रोजाना काम कर रहे थे अचानक भूस्खलन होने लगा इस दौरान कई श्रमिक बाहर निकल गये,फिर अचानक निर्माणधीन टनल का 60 मीटर हिस्सा धंस गया I 2340 मीटर लम्बाई हिस्सा तैयार हो चूका था मतलब 260 मीटर ऊपर 41 श्रमिक फँस गये I सुरंग के खुदाई चल रही थी और दूसरी तरफ मलबा गिराने की वजह से श्रमिक अंदर फँस गए I हर मौसम में चलने के लिए रोड बनाने की परियोजना भारत सरकार ने इस सुरंग को बनाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की कम्पनी राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसरंचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) द्वारा हैदराबाद की नवयुग इंजीनियरिंग कम्पनी को दिया था I सुरंग का निर्माण उत्तराखंड के चारधाम राजमार्ग परियोजना के रूप में किया जा रहा था I सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सिल्क्यारा में दो लम्बी लेन के लिए सुरंग का निर्माण शुरू किया जिसकी लम्बाई 4.531 किलोमीटर इस सुरंग के बनने से NH-134 की 25.6 किलोमीटर की लम्बाई घटकर 4.5 किलोमीटर हो जाएगी और सफ़र का वक़्त 50 मिनट से घटकर 5 मिनट हो जायेगा यह सुरंग दो दिशाओं वाली सुरंग होगी I इसी उद्देश से बनायीं जा रही थी इस सुरंग के निर्माण से तीर्थयात्रीयों को हर मौसम में जोड़ने का काम प्रदान करेगा I यह जुलाई 2018 में शुरू किया गया इसकी कुल लागत 854 करोड़ थी लेकिन जब 2018 में जब सुरंग की निर्माण शुरू हुआ उस समय लागत 854 करोड़ थी लेकिन अब यह 1383 करोड़ की लागत में बनाई जा रही हैं I
परिचय:
9 जुलाई 2018 को शुरू हुआ सुरंग का कार्य और 8 जुलाई 2022 का लक्षय था पूरा होने का मगर काम देरी होने के कारण 55% ही प्रगति हुई और 14 मई 2024 को पूरा होने की संभावना थी I सुरंग में खुदाई का काम चल रहा था I अचानक 12 नवंबर 2023 सुबह 05.30 बजे सिलक्यारा से बड़कोट के बीच बन रही निर्माणाधीन सुरंग में धंसाव हो गया I एमओआरटीएच के मुताबिक उन्होंने बताया की सुरंग के सिलक्यारा हिस्से में 60 मीटर की दुरी में मलवा गिरने के कारण यह घटना हुई I अमर उजाला के अनुसार 41 श्रमिक सुरंग के अंदर सिलक्यारा पोर्टल के अंदर रिप्रोफिलिंग का काम कर रहे थे तभी मिटटी का धंसान हुआ और सभी 41 श्रमिक अंदर फँस गए I कुछ श्रमिक वक़्त रहते धंसान होने के साथ निकलने मे कामयाब हुए और कुछ के सामने जब मलवा आ गया तो वो भाग नहीं पाए और वो वही फँस गए I इस तरह 41 श्रमिक सुरंग के अंदर रह गए और कोई कोशिश की गुंजायश ही नहीं थी की वो मलवा हटा के बाहर आ जाये I
आदेश :
जैसे ही घटना की खबर केंद्र सरकार को मिली उन्होंने तुरंत सुरंग में रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सभी संबधित एजेंसीयों को निर्देश दिए की हर संभव श्रमिकों को पानी बिजली खाने के लिए (पैक भोजन) पानी की पाइप लाइन से भेंजे और संपर्क करने की कोशिश की जाये और संपर्क के लिए फ़ोन की व्यवस्था कर उनसे संपर्क स्थापित किया जाये I सुरंग में बिछी पानी की पाइप लाइन से ऑक्सीजन भेजा जाये I
इन राज्यों के श्रमिक हैं सुरंग में :
सुरंग में भूखे प्यासे काम कर रहे श्रमिक बिहार के 5, पश्चिम बंगाल के 3, झारखण्ड के 15, ओडिशा के 5, उत्तरप्रदेश के 8 और उतराखंड के 2 हैं I
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| बाबा बौग नाग |
परिवार के लोग भगवान् से प्रार्थना कर रहे हैं :
श्रमिकों के परिवार सबसे ज्यादा चिंता इस बात पर कर रहे है की बाहर इतनी ठंड और सुरंग के भीतर अंधेरा साँस लेने में दिक्कत और कितना गर्मी और ठंडा होगा भगवान जाने I इनकी सलामती के लिए उनके गाँव के लोग बाबा बौग नाग के मंदिर में हवन,पूजा पाठ,ज्ञग और बहुत तरह की पहाड़ों में जो पूजा होती थी सब कर रह हैं परिवार वाले भगवान से विनती कर रहे हैं की हमारे लोगों को सही सलामत सुरंग से बाहर निकाल दो,सुरंग के बाहर एक मंदिर स्थापित की गयी बाबा बौग नाग की और सभी के साथ वहाँ के कर्मचारी भी पूजा पाठ किये और बाबा बौग नाग से हमलोगों से कोई गलती हो गयी हैं तो हमें माफ़ कर दीजिये आप अपना गुस्सा शांत कीजिये श्रमिकों को बाहर निकलने का कोई रास्ता बताये I जिसको जैसा मिला वो वैसे ही बाबा बौग नाग से प्रार्थना किये और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री खुद भी भगवान् के आगे सिर झुका के विनती कर रहे हैं भगवान एन श्रमिकों को बचा लो I
मंगलवार को मंगल :
आज सत्रह दिन हो गए हर संभव कोशिश की जा रही हैं श्रमिकों को बाहर निकलने के लिये इस टनल में फंसे 41 श्रमिकों को निकलने के लिए कई प्लान कई एक्सपर्ट्स के साथ साथ कई टेक्निकल टीमें भी लगी हैं नामी वैज्ञानिक आ रहे हैं I देश के हर कोने कोने से एक्सपर्ट आ रहे हैं I उत्तरकाशी के सिल्क्यारा टनल में पिछले सत्रह दिनों से दुनियाभर में चर्चा का केंद्र बना हुआ I
काफी देशों से टनल एक्सपर्ट को बुलाया गया, आस्ट्रेलिया से टनल एक्सपर्ट को भी बुलाया गया I उत्तरकाशी में फंसे 41 श्रमिकों को टनल से बाहर निकलने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही हैं रेस्क्यू टीमें रैट होल माइनिंग और सुरंग के ऊपर से वर्टिकल ड्रिलिंग का काम बहुत जोड़ों से चल रहा हैं आशा करते हैं की आज 41 श्रमिकों को शोकुशल सुरंग से बाहर निकाल लिए जायेंगे I NDMA और NDRF की रेस्क्यू टीमें महत्पूर्ण भूमिका निभा रही हैं I 30 बिस्तरों वाला चिनूक हेलीकाप्टर भी स्टैंडबाय में रखा गया हैं किसी भी प्रकार का कोई रूकावट ना हो श्रमिकों को अस्पताल ले जाने में I आज मंगलवार हैं देश के सभी लोग दुआ कर रहे हैं की 41 श्रमिक कुशलता पूर्वक सुरंग से सुरक्षित बाहर आ जाये I लोगों को सिर्फ एक ही विनती थी भगावन आज किसी तरह 41 श्रमिकों को बाहर निकल दो और 140 करोड़ देशवासीयों की विनती भगावन ने सुन ली I NDRF की टीम ने अपने जान को जोखिम में डाल कर 41 श्रमिकों को सुरंग से बाहर सही सलामत निकल लिये,र्जैसे ही यह खवर सुनी लोगों ने खुशियों का मौहाल पूजा पाठ,हवन,ज्ञग और नाच गाना हर तरफ पहाड़ों में सिर्फ एक ही आवाज़ गूंज रही थी "बाबा बौग नाग" बाबा बौग नाग की जय..
श्रमिकों को भोलेनाथ का आशीर्वाद...
Blog :Badal Goswami
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