संदेश

मन की बात

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                       "नजरिया बदलो दुनिया अपने आप बदल जाएगी"          हमारा देश बहुत विशाल हैं यहाँ हर तरह के लोग रहते हैं और यह एक भीड़ वाली देश भी कह सकते हैं यहाँ लोग कुछ कर गुजरने को आतुर हैं बस मौका मिलना चाहिए   मगर कुछ लोग देश की हर चीज को व्यापार और पैसे कमाने की मशीन बना दिए हैं। जिसके चलते हमारे हिंदुस्तान में अधिकतर लोग बहुत ही घूंट घूंट कर जी रहे हैं और बिना कुछ बोले वो सभी काम बड़े ही आसानी से मुस्कुरा कर कर देते है मगर अगले को यही समझ आता हैं की अरे वो तो अपनी नौकरी के डर से काम कर रहे हैं,की कही मेरी नौकरी खत्म ना हो जाए। हर तरह के लोग है सब की अपनी अपनी पहचान और विचार भी अलग अलग है इसमें कोई संदेह नहीं जताया जा सकता हैं आप अगर किसी को कुछ कह दो कि भैया आप ये गलत बोल  रहे हो तो वह आपको ही समझाने लगेगें की आप को कुछ पता हैं। काम काज के क्षेत्र में आप अगर देखें तो आप को ना सोचने पर मजबूर कर देगा,आपका दिमाग और बार बार यही दस्तक देगा की किसी भी सेक्टर हो लड़कियां बड़े ही प्यार और बि...

बूट पॉलिश

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कुछ मजबूरी कुछ जरुरत                                    " कोई कितना कमा सकता हैं जूता पॉलिश कर"         बबलू अपने घर के लिए ये सब कर रहा हैं"   हमारे देश का नाम जब कोई विदेश में अपने ही लोग लेते हैं तो कितना अच्छा लगता हैं,लगता हैं की हम अपने गाँव की माटी को आवाज दे रहे हैं और तभी एक भीनी सी खुशबू भी महसूस करते हैं की क्या खुशबू है लगता हैं देश मुझे बुला रहा हैं। हमारे देश के लोग बहुत ही भोले भाले और बिना उलझे हुए लोगों का देश हैं,कोई किसी को ज्यादा शक की नजरों से और पूछने के हिसाब से नहीं देखता हैं,सिर्फ एक बात हैं आप किसी की बुराई मत करो वो भी किसी की बुराई नहीं करते हैं I हमारे देश में नारियों का सम्मान कुछ जगहों पर बहुत कम होती जा रही हैं इससे देश की नारियां आगे नहीं बढ़ पा रही हैं जो जहां हैं वही पर घुट रही हैं I      हमारे देश के अधिकतर लोग अपने घर को चलाने के लिए और दो वक्त की रोटी के लिए काफी जद्दोह जहद कर रहे हैं,कुछ लोग नौकरी करते हुए भी कुछ अत...

स्कूल बैग

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पापा    बैग बहुत भाड़ी हैं ... बच्चे की आवाज  आप कभी कभी अनसुना कर देते है...                                                            इस बैग में छिपा हैं IS,IPS,Commissioner,Politician,Artist और ना जाने कितने सपने हैं यह बैग बहुत ही भारी हैं मगर इसे उठाना भी जरुरी हैं क्योंकी किसी की तम्मना किसी की लालसा और किसी की पूरी जमा पूंजी लगा हैं I यह बैग जादू वाला बैग है इसे हम आप सभी ने बहुत पहले ही उठा चुके हैं और अपने मुक्कमल स्थान तक शायद पहुँच गये होंगे जो नहीं पहुँचा वह अभी भी जदोंजहद मेहनत कर रहे हैं किसी तरह अपने सपने को साकार कर सके,किसी को मंजिल जल्दी मिल जाती हैं किसी को देर से और किसी को बहुत मेहनत करनी पड़ती हैं पहुँचाने में,लेकिन पहुँचते हैं सभी किसी को कुछ कसर रह जाती है और किसी को उपहार ही उपहार मिलती हैं I आज कल ये बैग बहुत ही भारी हो गया हैं पहले के ज़माने में बैग इतनी भारी नहीं थी हम किसी थैला या हाथ में ही ...

मोबाइल से दूर रखें

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समय रहते सब ठीक करें. .       हमारा देश कितना सुंदर है चारों तरफ हरियाली नदी नहर झरने सुंदर सुंदर पेड़ पौधे सुंदर सुंदर जानवर सारे प्राकृतिक के चीज भरपूर हैं इसलिए भारत सबसे अलग देश हैं इसकी ख्याति दूर दूर तक फैली हुए हैं हमारे देश में बाहर से लोग घुमने और यहाँ की मनोरम दृश देखने आते हैं बाहर के पर्यटक खुश हो कर जाते हैं और दुवारा आयेंगे कह कर जाते हैं इसको बनाने वाले ने भी बहुत शिद्दत से बनाया होगा आप अगर सारे देश का भ्रमण करेंगे तो आपको हमारे देश से अच्छा और कोई देश नहीं लगेगा लेकिन अगर आप भ्रमण नहीं करोगे तो आप यही बोलोगे विदेश कितना अच्छा है        हमारे देश से अच्छा हैं हमारे देश के लोग भी बहुत अच्छा हैं सीधे साधे आप उन्हें जैसे ढालना चाहोगे वह वैसे ही ढल जायेंगे बहुत ही सीधे हैं भारत के लोग,इन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रहता हैं दो वक़्त की रोटी मिल जाये उसके लिए वह खेती काम धन्धे बहुत कुछ करने को तात्पर्य हो जाते हैं और गाँव से शहर और शहर से विदेश तक चले जाते हैं और अपने परिवार को बहुत खुश रखते हैं जैसे जैसे देश तरक्की कर रहा हैं वैसे वैसे लोग भी ...

कुर्सी

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                                                                                                                                         हमारे देश में कुर्सी कब आई और इसको क्यों बनाया गया था कुर्सी की अहमियत कितनी हैं इसमे बैठने वाला अपने आप को कैसा महसूस करता है ये तो वही बता सकता हैं जो उस कुर्सी में बैठा हैं चाहे वह नेता हो या अभिनेता या एक बच्चा वो खुद ही बोलेगा की यह कुर्सी उसके लिए कितना अहमियत रखता हैंऔर वह उस कुर्सी को क्यों नहीं छोड़ना चाहता हैं I  कुर्सी किसी ने शुरुआत में बनाया नहीं था मिस्र के लोगो ने 2680 ईसा पूर्व जब कब्रों की खुदाई की तो उन्हें एक अजीब सी एक्स आकार की कोई चीज मिली उस समय  लोगों को कुछ समझ नहीं आया की यह हैं ...

सुखी कौन

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       मेरा सवाल सुखी कौन हैं ?   सुखी वही हैं जिसपर कोई कर्ज नहीं हैं,लेकिन ये बात 3000 साल पुरानी हैं ये द्वापर युग की बात हैं उस समय की बात अच्छी लगती हैं हमने तो कहानियों और किताबों में सुना हैं लोग झुट नहीं बोलते थे और एक दुसरे को कभी ठगते नही थे,लोग सच्चे थे और लोग अच्छे थे I कलयुग आज की बात करते हैं आज कोई सुखी नहीं हैं आज आप लोगों को एक ऐसी जानकारी दे रहा हूँ जो हर किसी की जिंदगी से जुड़ी हुई हैं I लोग गाँव में रहते हैं लेकिन पढ़े लिखे लोग गाँव में रहना पसंद नहीं करते हैं उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की तम्मना रहती हैं I किसी कम्पनी में काम करना शूट बूट टाई पहन कर जाना ,दफ्तर के कर्मचारी सलाम करे ये सब सपने लेकर गाँव से शहर में अपनी जिंदगी शुरू करने के लिए नौकरी,व्यापार और दुकान बहुत सारी सपने शुरू करने के लिये गाँव से या दुसरे शहर से आकर सुखी जीवन की तलाश करते हैं और शहर में अपनी जिंदगी चलाने के लिए क्या क्या नहीं करते हैं अपनी सारी ताकत एजुकेशन मेहनत सभी लगा देते हैं काम तो मिल जाता हैं मगर घर चलाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं कमा पाते हैं काफी मेहनत करते हैं की ...

ऑपरेशन सुरंग

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             उत्तराखंड की   उत्तरकाशी..        भगवान विश्वनाथ के उत्तरकाशी एक तरफ प्राक्रतिक सौंदर्य और पहाड़ो से बहती नदियाँ दूसरी तरफ पहाड़ों और जंगलों से घिरा मानो स्वर्ग धरती में उतर आई हो ऐसा प्रतीत होता हैं I यहाँ का मौसम बहुत ही लुहावनी और मनोरंम,पहाड़ो पर मानो बर्फ की चादर बिछी हो I यह शहर भागीरथी और गंगा नदी के तट पर स्थित हैं,यहाँ लोग साहसिक और पर्यटन के लिए आते हैं I इसके रास्ते में चार धाम आते हैं बद्रीनाथ,केदारनाथ,गंगोत्री और यमुनोत्री हैं जो भारत में बहुत प्रसिद्ध हैं I       उत्तरकाशी  जिले का निर्माण 24 फ़रवरी 1960 को हुआ था यह एक धार्मिक नगरी हैं यहाँ पवित्र गंगा नदी का उध्गम स्थल हैं I यहं भगवान् विश्वनाथ का प्रसिद्ध मंदिर हैं यह नगरी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर हैं I प्रशासनिक कार्य के लिए  उत्तरकाशी  को ६ तहशील और २ उप-तहशीलों में बांटा गया जिसमें भटवाड़ी,डुंडा,चिन्याली सौड़,बड़कोट,पुरोला,मोरी (जोशियाड़ा और धौंतरी ) ये दोनों उप-तहशील हैं I उत्तरकाशी की कुल आबादी २०११ की जनगणना के अनुसार ...

लाइट् कैमरा एक्शन

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       करीब  200  साल अंग्रेजो की गुलामी करने के बाद 15अगस्त 1947को भारत को आज़ादी मिली I इससे पहले  अंग्रेजो ने 1747 से लेकर 1947तक भारत को ईस्ट इंडिया कम्पनी के नाम से और कंट्रोल ब्रिटेन किया करते थे I देश के स्वतंत्रता सेनानीयों की साहस और हिम्मत की वजह से अंग्रेजो को घुटने टेकने पड़े और हमें आज़ादी मिली I काफी लोगों ने बलिदान दे कर देश को आजादी दिलाई I       आज़ादी मिलने के दौर और गुलामी के दौर में अंग्रेजो ने रेडियो प्रसारण की शुरुआत हुई I मीडिया के प्रसार को आगे बढ़ने और बढ़ावा देने के लिए इसकी गुणवता को जबरदस्त बढ़ोतरी हुई I इसी बीच टीवी का भी आगमन हुआ,मुद्रित मीडिया निजी क्षेत्रो के हाथों में और रेडिओ,टीवी सरकार ने अपने हाथों में लगाम लिये I 1959 में शिक्षात्मक उद्देशों के लिए दूरदर्शन की शुरुआत हुई I समाचार पत्र में भारत विश्व का सबसे बड़ा देश हैं,उपग्रह चैनलों में हमारा देश भारत के 690 चैनल हैं I जिसमें 80 न्यूज़ समाचार चैनल हैं I समाचार पत्रों की बहुत बोलबाला थी,न्यूज़ चैनल बहुत कम होने की वजह से लोग ज्यादा समाचार पत्र पढ़ा करते थे और दू...

ईमानदारी

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ईमानदारी की मिशाल     व्यक्ति के र्त क व्य को पालन करने के लिए पूरी निष्ठा,निष्पक्षता,पारर्देशिता और सत्यानिष्ठा चोरी धोखा इन सभी चीजों से दूर रहना और अपने कर्त्तव्य का हमेशा जेहन में रखना हर किसी के बस की बात नहीं हैं और इन सभी चीजों से परे होना बहुत कम लोगों में होता हैं ऐसे बहुत ही कम इंसानों में होता हैं इनसे परमात्मा भी बहुत खुश होते हैं और इनकी सहायता भी करते हैं इनको बहुत सारी यातनाओ से गुजरना पड़ता हैं तब जा के वो एक ईमानदार इन्सान में गिनती होती  हैं I ईमानदार इन्सान को इस दुनिया में जीना मुश्किल नहीं थोड़ा मुश्किल जीना कह सकते हैं I ये सर तो उठा के जीते हैं लोग इनकी तारीफ भी करते हैं मान सम्मान भी बहुत मिलते हैं लेकिन ये सारी जिन्दगी दुःख और परिवार को सँभालने में कब ये अपनी जिन्दगी के वो पल खो देते है, उन्हें पता ही नहीं चलता हैं आज हमारे देश में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपनी जिंदगी ईमानदारी से काट रहे हैं और वो किसी को अपनी ईमानदारी की सबूत देने की जरुरत नहीं समझाते हैं बस वो अपना काम किये जा रहे हैं I     ये हैं श्रध्दानन्दजी       जै...