बूट पॉलिश
हमारे देश के अधिकतर लोग अपने घर को चलाने के लिए और दो वक्त की रोटी के लिए काफी जद्दोह जहद कर रहे हैं,कुछ लोग नौकरी करते हुए भी कुछ अतिरिक्त कमाने के लिए पसीना बहा रहे हैं,की घर और परिवार दोनों को ठीक से चला सकूं किसी चीज की कमी ना होने पाए ये अधिकतर घरों के जिम्मेदार लोगों में होता हैं। हमारे देश में बहुत से ऐसे लोग हैं जो सिर्फ घर जाते हैं छे घंटे सोने के और अपने बीबी बच्चों से मिलने,इनका सारा दिन काम करने में ही निकल जाता हैं I
आज देश में इतनी महंगाई बदती जा रही हैं कि एक नौकरी से आप सिर्फ दो वक़्त की रोटी ही खिला सकते हो अपने परिवार को अगर लोग अतिरिक्त काम ना करे तो वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और ना अच्छी परवरिश दे सकते हैं,एक परिवार में माता पिता भाई बहन और छोटे छोटे बच्चें घर में होते हैं और कभी कभी कुछ घरों में कमाने वाला एक ही होता हैं सारा परिवार उसी पर आश्रित होते हैं "अब आप ही बताये की कोई करे तो क्या करे" अपने परिवार को ठीक से चलाने के लिए कुछ तो करना पड़ेगा I लेकिन आस पड़ोस के लोग ये सब देख कर ये बात जरुर करते हैं की फलाना बहुत पैसे कमा रहा हैं मगर जो कुछ पैसे कमाने के लिए और क्यों कमा रहे हैं वही बता सकता हैं,जब आप उससे मिलोगे उससे बात करोगे I
एक छोटा बच्चा जिसे अभी पढ़ने की उम्र और बच्चों के साथ खेल कूद मजा मस्ती करने का समय हैं इस बच्चा का दिनचर्या आप देखोगे तो दंग रह जाओगे,क्योंकी ये बच्चा अपने घर को चलाने के लिए क्या कर रहा हैं ये ना तो आप को पता होगा,ना ही मुझे मैं काफी दिनों से एक बच्चे को रास्ते में देख रहा हूँ वो एक लकड़ी का बक्सा कंधा में लटका के घूमता रहता हैं मुझे बहुत ताजुब हुआ I मुझे लगा ये बक्सा किसी को शायद देने जा रहा हो,
फिर एक दिन मैंने उससे पूछ ही लिया,जब इस बच्चे से बात करने के लिए उसके पास गया तो वो पहले तो मुझसे बात करना नहीं चाहा फिर मैंने ज़बरदस्ती बात की बोला बिस्कुट खाओगे तो उसने सीधे मुझे मना कर दिए और बोला नही मैं अपने घर से खाना खा के आया हूँ क्या खाये हो,बोला मम्मी ने रोटी बना के गयी थी वही खाया हूँ मुझे बहुत आश्चर्य हुआ फिर मैंने पूछा तुम्हारी मम्मी कहाँ हैं तो उसने बोला मम्मी पापा काम पे गए हैं कौन से काम करते हैं बोला वो मजदूरी करते हैं मुझे बहुत दुख हुआ,तुम्हारा नाम क्या हैं बोला बबलू कितने बजे मम्मी पापा काम पर जाते हैं बोला सुबह पांच बजे,क्योंकी सुबह सुबह जाने से काम देते हैं ठेकेदार, बिस्कुट खा लो तुम्हारे घर में और कौन कौन हैं बोला मम्मी पापा और मेरे से दो छोटे भाई बहन हैं पढाई नहीं करते हो बोला करता हूँ,दोपहर को २ बजे सरकारी स्कूल में पढ़ने जाता हूँ और शाम में ६ बजे घर वापिस आ जाता हूँ
रात बीत गई अब सुबह के पांच बज रहे थे माँ बाप काम पर निकलने से पहले अपने बच्चों के लिए रोटी बना कर रख गये और दोनों काम पर निकल गये I परिवार में माँ बाप और तीन बच्चें जिसमें सबसे छोटी बेटी जिसकी उम्र ६ से ७ साल और दूसरा लड़का ८ से ९ साल का होगा I लेकिन बबलू जो हैं वो सबसे बड़े भाई होने के नाते घर में वो दोनों भाई बहन को संभालता हैं मगर उसका भी एक कहानी हैं और बबलू की उम्र मात्र 12 साल हैं I
माँ बाप के सुबह काम पर जाने के बाद वो सुबह नहा धो के दोनों भाई बहन को नास्ता जो उसकी माँ ने बनाये थे वो दोनों भाई बहन को सुखी रोटी और आचार खिला के और खुद भी खा के इन दोनों को अपने पड़ोसी के यहाँ मौसी के घर छोड़ कर खुद वही लकड़ी का बक्सा कन्धा में लटका के मोहल्ले में चाचा के लड़के के दुकान में जा कर उस लकड़ी के बक्सा में शू पॉलिश ब्लैक,रेड और सफ़ेद क्रीम और कुछ जूते में जीभ डालने वाला प्लास्टिक की पट्टी हाथ में ले कर निकल जाता हैं बाजार की तरफ I
आप लोगों ने फिल्मों में देखा होगा बच्चें जूता पॉलिश करते है मगर ये एक हकीकत हैं
"इतनी छोटी उम्र में घर से बाहर जाना पैसे कमाना कितना कठिन हैं ये आप भी जानते हो हम भी जानते हैं,ना कोई पहचान की दुकान जिसमें कोई काम मिल सके,बस कमाना हैं कुछ घर के लिए,इनका भविष्य क्या हैं ये कोई नहीं जनता हैं"
जब बबलू लकड़ी का बक्सा बजता हुआ बाजार की तरफ जाता हैं और लोगों से यही कहता भैया अपका जूता पॉलिश कर दूँ लोग देखते हैं छोटा सा बच्चा हैं अभी इसकी पढ़ने की उम्र हैं जूता पॉलिश कर रहा हैं लोग रास्ते में उससे पूछते स्कूल क्यों नहीं जाते हो मगर बबलू कुछ नहीं बोलता वो आगे चला जाता I लोगो को दया आ जाता हैं और कहते हैं ठीक हैं कर दो पॉलिश फिर बड़े प्यार से अपने छोटे छोटे हाथों से लकड़ी के बक्सा से पॉलिश निकलता और जूता पॉलिश करता,ये सब देख लोग बहुत भावुक हो जाते हैं कभी कभी कोई ज्यादा पैसे भी दे के जाते हैं कुछ लोग बोलते हैं खाना खायेगा और कुछ लोग तो ये भी बोलते हैं चल भाग यहाँ से पढ़ने लिखने के उम्र में जूता पॉलिश कर रहा हैं,मगर बबलू कुछ भी नहीं बोलता चुप रहता हैं फिर आगे चला जाता हैं,कभी किसी को कहता भैया आपके जूते में जीभ लगा दूँ इससे आपके जूते ठीक से आएगा मात्र २० रूपये दे देना I
Blog : Badal Goswami
...OSR...

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
Please do not enter any spam link in the comment box.