"रात" पार्ट १..
"रात"पार्ट १...
डरना नहीं ..आज आप लोगो को एक कहानी सुनाने जा रहा हूँ, कहते है कि यह कहानी एक गाँव कि है, इस गाँव में करीब दस बारह परिवार रहते है,और सभी के घर एक किलोमीटर में तो किसी की आधे किलोमीटर में हैं किसी के दो किलोमीटर पर है, इस गाँव के लोगों को आपस में मिलना जुलना बहुत ही कम होता था I क्योंकि गाँव में बहुत कम लोग थे, कुल मिला के पचास से साठ लोग रहते थे I लोग गाँव से जब शहर जाते कुछ खरीदारी के लिए, कोई साग-सब्जी बेचने के लिए तभी मिलाना जुलना होता था I एक दुसरे कि हाल चाल पूछ लिया करते थे, भाई तुम कैसे हो घर परिवार कैसा है, सब ठीक है I यही एक साधन था इस वजह से लोगों को ये नहीं पता होता कि लोगों के घर में क्या हो रहा है और कैसे है I गाँव से शहर आने जाने में बहुत मुश्किल होता था I लेकिन बेचारे गाँव वाले क्या करते किसी के पास बैलगाड़ी तो किसी के पास साइकिल होता था I गाँव में बिजली तो ना के बराबर थी I गाँव में बिजली ना होने की वजह से लोगों को काफी परेशानी होती थी, कभी कभी अगर बारिश हो गया तो गाँव की स्थिती बहुत ख़राब हो जाता था, लोग रात में सात या आठ बजे सो जाया करते है, क्योंकि बाहर काली रात और उपर से बारिश, इसलिए बारिश के मौसम में जल्दी सो जाया करते थे I अगर आप रात में निकल जाओ तो एक्का दुक्का घरों के बाहर लालटेन की रोशनी दिखेगी और कीड़े मकोड़े और जानवर की बड़ी भयानक आवाज आती रहती है, कौन सो रहा है, कौन जाग रहा है, ये बताना थोड़ा मुस्किल होगा I किसी के घर में अगर कोई बीमार हो गया तो और मुसीबत क्योंकी इस गाँव में कोई औषधालय और डॉक्टर नहीं था I सरकारी अस्पताल कम से कम चार किलोमीटर पर हैं और वहां डॉक्टर या नर्स होगा की नहीं, बताना भी मुश्किल है I क्योंकि रात की डियूटी में जो डॉक्टर या नर्स रहते है वो अधिकतर छुट्टी पर रहते थे I इस वजह से लोग सुबह का इंतजार करते है की कब सुबह होगी I गाँव में कम लोग होने की वजह से डॉक्टर और नर्स आना नहीं चाहते I गाँववालो ने ग्राम पंचायत को कई बार लिखित में दिए थे की हमारे गाँव में एक औषधालय और डॉक्टर की व्यवस्था करवा दीजिये लेकिन प्रधानजी इस कान से सुनते और उस कान से निकाल देते I गाँव के लोगो को हर हाल पे इसी तरह जीना होता है, एक बात और हॉस्पिटल में अगर डॉक्टर है तो फिर दवा मिलती नहीं, फिर दवा के लिए या तो आप इन्तजार करो या फिर शहर से ले आओ पर एक बात थी की डॉक्टर की दवा काम बहुत करती थी, लोग दो तीन खुराक से ठीक हो जाते थे I लोगो को सरकारी अस्पताल पर विश्वास था I इसी तरह लोगो की जीवन यापन चल रहा था I समय बिताता जा रहा था, कई महीने कई साल लगातार बिताता गया I
आपलोगों को मैंने गाँव के बारे सारी बातें बताया की गाँव में लोगों की हालत कैसी हैं I
गाँव की स्थिती ख़राब होने की बजह से ग्राम पंचायत ने अपने लोगों के साथ बैठक की गाँव की मुसीबत दूर किया जाये I गाँव में घोषण की गयी, की दो दिन बाद चौक में ग्राम पंचायत की बैठक है, सभी गाँव वाले को आना अनिवार्य है, गाँव के हित के लिया ग्राम पंचायत सभी गाँव वालो से बात करेगें I गाँव वाले ये बात सुन कर बड़े चकित हुए I उन्होंने अपने सभी मित्रों से बात करने की कोशिश की और दो दिन की समय था, इसी बहाने एक दुसरे की हाल चाल भी पता चल जायेगा I गाँव के लोग आपस में बाते करते है की आखिर ग्राम पंचायत ने चौक में बैठक क्यों बुलाई I इस बात की उन्हें बड़ी उत्सुकता थी I क्या बात हो सकती है इसी बात को सोच सोच कर परेशान हो रहे थे, समय निकलता जा रहा था I
आखिर वो दिन आ गया जिसका सब को इंतजार था ..
गाँव के चौराह में लोगो की भीड़ जमा होने लगी,लोग घर से भागे, भागे आने लगे सभी के मन में सिर्फ एक ही बात घूम रहा था, की आखिर प्रधानजी ने क्यों बुलाया गाँव वालो को क्या होने वाला है क्या खबर है, ये सोच सोच सोच के सब परेशान थे I तभी दूर से दिखा की प्रधानजी कुछ लोगो के साथ चले आ रहे है,गाँव के लोगो की उत्सुकता और बढ़ने लगा I चौराहे पर टेबल कुर्सी लगी थी,सामने दरी बिछी थी सभी गांववाले वहां बैठे हुए थे जो लोग खड़े थे वो भी बैठ गए I
पंचायत की बैठक शुरु हुई, प्रधानजी बोले हम पंचायतो की राय है की इस गाँव को थोड़ा आर्थिक मदद करे और गाँव की कुछ व्यवस्था ठीक की जाये, और गाँव में एक सरकारी चिकित्सालय खोला जाये I जिसमे एक नर्स और एक डॉक्टर हो I आप लोगो की राय चाहिए, गाँव वाले एक दुसरे को देखने लगे फिर सभी ने हाँ कहा जी हम चाहते है की गाँव में एक सरकारी चिकित्सालय हो जिसमे डॉक्टर और नर्स हो I पंचायत ने सभी गाँव वालो को धन्यवाद कहा और बोले परसों सोमवार को ये पत्र लेकर हम लोग शहर जायेगे महीने दो महीने में चिकित्सालय बन जायेगा ये कहकर ग्राम पंचायत की बैठक खत्म हुई I लोग अपने अपने घर की ओर जाने लगे,आपस में गाँववाले बातें करते हुए जा रहे है की पंचायत ने गाँव के लिए बहुत अच्छा काम कर रहे है I हमारे लिए बहुत अच्छा होगा की अब हमलोगों को चार किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा इलाज के लिए गाँव वाले बहुत खुश थे I लोग जहाँ भी जाते यही बात होती की गाँव में चिकित्सालय बन रहे है I
समय बीतता जा रहा था,लोग एक एक दिन गिन रहे थे वो दिन कब आएगा I एक महीना बीत गया,दूसरा महीना शरू हो गया I तभी किसी ने कहा की गाँव में सरकारी लोग आये है,शहर से चिकित्सालय बनाने के लिए I सभी भागे चोंक की तरफ भागे वहाँ जा के देखा तो हा सचमुच शहर से कुछ लोग आये हुए है और जगह की मुयाना कर रहे I फिर सरकारी लोग आपस में कुछ बात की फिर प्रधानजी से बोला कल से यहाँ काम शुरू हो जायेगा I ये कह कर वे लोग चले गए I अब काम कल से शुरू हो जायेगा गाँव वाले आपस में बात करने लगे, गाँव के लोग बहुत खुश थे I सब अपने अपने घर को चले गए I गाँव में खुशी के माहौल थे, लोग बहुत खुश थे सुबह के दस बजे थे, गाँव में कुछ लोग आये,उनके साथ एक बड़ी ट्रक थी,जिसमे सीमेंट, बालू, ईट और कुछ लोहे के छड़ थे I कुछ पांच छे मजदूर थे, और एक सरकारी साहेब भी थे वे लोग अपना काम शुरु करने के आदेश मांगे साहेब से उन्होंने अनुमति दे दी I मजदूरों ने अपना काम शुरू कर दिये, दोपहर के समय तक आधा काम हो गया था,मतलब कमरा तैयार हो गया सिर्फ छत का काम रह गया था, मजदूरों का दोपहर के खाने का समय हो गया I मजदूर खाना खाने चले गए, फिर करीब तीन बजे फिर काम शुरू हुआ ऐसे करते करते शाम हो गया I मजदूरो ने साहेब से कहा आज का काम हो गया I साहेब बोले कल सुबह समय पर आ जाना I मजदूरों ने कहा ठीक है सर, ये बोल के मजदूर चले गए I गाँव वाले आपस में बात कर रहे थे की आखिर कब तक तैयार होगा चिकित्सालय,कब डॉक्टर और नर्स आएगे I ये सोच सोच के गाँव वाले व्याकुल हो रहे थे I दुसरे दिन फिर काम शुरू हुआ, ऐसे काम करते करते चार पांच दिन बीत गए I आखिर चिकित्सालय बन के तैयार हो गया इसमे एक बड़ा सा कमरा और बाहर बरामदा था जो काफी बड़ा था I सीमेंट के बैठने के कुर्सी बने थे I कमरे बड़े थे, उसमे एक बार में दो चार मरीज को भर्ती कर सकते थे I शाम को बड़े साहेव आये देखने को चिकित्सालय का काम पूरा हुआ या नहीं, उन्होंने देखा और बोला जल्दी जल्दी चिकित्सालय का जो काम बाकि है उसे पूरा करो ये कह कर साहेब चले गए I फिर अगले दिन चिकित्सालय का काम पूरा हुआ, चम-चमाता चिकित्सालय तैयार हो गया I
चिकित्सालय के बाहर कुछ लोगो की भीड़ लगी थी, कुछ लोग कह रहे थे, की प्रधानजी ने खबर भेजा है की कल शाम को चिकित्सालय का उद्घाटन होगा I सभी गाँव वाले को निमंत्रण है, आने की, हाँ अगर किसी के घर में कोई बीमार है तो उसे भी साथ ले के आये,उनका इलाज भी हो जायेगा I गाँव वाले बहुत खुश हो गए,चलो कल अपनी घर वाली को साथ ले आएंगे,बहुत दिनों से बीमार है और कोई कह रहा हम अपने लड़के को ले के आयेगे, कल उसका इलाज भी हो जायेगा और चिकित्सालय भी देख लेंगे I गाँव में जैसे कोई त्यौहार हो रहा हो लोग इतना खुश थे,लोग आपस में बाते करते है की चलो अब ठीक है I गाँव में एक चिकित्सालय तो बन गया है, अब किसी को गाँव से बाहर जाना नहीं पड़ेगा I गाँव की सारी चिंता दूर हुई दवा और इलाज के लिय शहर नही जाना पड़ेगा I ग्राम पंचायत ने बहुत ही सराहनीय काम किये है, प्रधानजी का बहुत बहुत धन्यवाद
गाँव के चौंक में देखने लायक भीड़ लगी थी I चिकित्सालय पूरी तरह से सजी थी I प्रधानजी ने उद्घाटन किये नारियल फोड़ कर, सभी गाँव के लोगो को लड्डू खिलाये I बोले जाओ अब डॉक्टर से इलाज करवाओ I लोग अपने परिजनों को साथ ले के आये थे, इलाज के लिए सभी अपने परिवार के साथ चिकित्सालय में बैठे थे, सब अपनी अपनी बारी का इन्ताजर कर रहे थे I चिकित्सालय में एक डॉक्टर, नर्स और एक कम्पाउण्डर थे, जो मरीजो को देख रहे थे I माहौल बहुत अच्छा था चिकित्सालय से लोग बहुत खुश थे I तभी अचानक प्रधानजी आ गये और बोलने लगे गाँव वालो अब ठीक है ना, गाँव में चिकित्सालय खुल गया, तुम लोग खुश हो ना, गाँव के सभी लोगो ने हाथ जोड़ के खड़े हो गए और बोले जी माई बाप अब ठीक है हम लोग बहुत खुश है I प्रधानजी बोले कोई दिक्कत हो तो बताना, ठीक है और वो चले गए I शाम तक गाँव के काफी लोगो ने अपने घर के लोगो का इलाज करवा लिये थे I इस तरह रात हो गए, लोग अपने अपने घर को चले गये I
"अपना फर्ज हमेशा ईमानदारी से निभाओ "
"रात" पार्ट २ .. जल्द ..

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