भूमि चौहान..Love You God
मैं ये सोच के परेशान हो रहा हूँ,और ये कल्पना कर रहा हूँ की वो विमान टेकऑफ और हादसे के बीच के समय में विमान के भीतर क्या स्थिती रही होगी पायलट के MAY-DAY मैसेज के बाद यात्रियों के लिए क्या अनाउंसमेंट हुआ होगा,लड़खड़ाते विमान में बैठे यात्री मौत को सामने देखकर क्या महसूस कर रहे होंगे..
एक बात और विमान जिस बिल्डिंग से टकराई वह अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स रहते हैं I जानकारी के मुताबिक विमान हादसे के समय उस हॉस्पिटल में करीब 50 से 60 डॉक्टर्स मौजूद थे ज्यादातर मेस में लंच कर रहे थे I
हादसे की जगह से मिले यात्री के शव इतनी बुरी तरह से झुलस चुके हैं की उनकी पहचान करनी बहुत ही मुश्किल आ रही हैं देखा जाये तो उनकी पहचान अब DNA टेस्ट के बाद ही संभव होगी I
विमान में सवार 242 में से 241 लोगों का निधन हुआ हैं सभी यात्रीयों की पहचान के लिए परिजनों का DNA टेस्ट लिए हैं I उड़ान भरते ही अचानक विमान आग का गोला बना I यह विमान अपनी फ्यूल एफिशिएंशी और आरामदायक सफ़र के लिए जाना जाता हैं I एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI- 171 ने दोपहर 1:38 बजे उड़ान भरी थी और दोपहर 1:40 बजे यह क्रैश हो गई I
जानकारी के मुताबिक विमान एयरपोर्ट की दीवार और एयर कस्टम कार्गो ऑफिस के पास क्रैश हुआ हैं विमान गिरते ही पुरे इलाके में धुएं की गुबार दिखाई दिया I इस विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश,7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक समेत कुल 230 यात्री सवार थे,103 पुरुष,114 महिलाऐं,11 बच्चें और 2 नवजात शिशु शामिल थे I बाकी क्रू मेंबर्स थे I
हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का निधन हो गया हैं,यह बहुत ही दु:खद घटना हैं I
खबर हैं कि भगवान की किसी चमत्कार से एक यात्री बच निकले I लेकिन सच्चाई अभी धुंधली हैं I लोग कहते हैं "भगवान जिसे बचाना चाहते हैं उसे मौत भी छू नहीं सकती" और ये भगवान की चमत्कार भूमि चौहान के साथ हुआ,वह भी उस विमान से लंदन जाने वाली थी,उसकी टिकट भी हो रखी थी, उत्साह से भरी अपने सपनों को पंख लगाने के लिए बेताव,मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था I
उलझी,शोर भरी अहमदाबाद की सड़को ने आज भूमि को एक अनचाहा वरदान दे दिया I दो घंटे पहले पहुँचाना और सामान की गहन जांच के कठोर नियम I इसके अलावा हर दस्तावेज का बारीकी से निरिक्षण और हर छोटी बड़ी वस्तु की तलाशी, इन सब ने भूमि का साथ नहीं दिया I वह हवाई अड्डे पहुँचने के लिए बेचैन थी,पसीने से तर-बतर और दिल की धड़कने भी तेज,वह सरदार वल्लभभाई हवाई अड्डे पर 10 मिनट देरी से ट्राफिक की भयंकर जाम से बचते बचाते पहुंची I आज इस देरी ने भूमि का किस्मत का दरवाज़ा बंद कर दिया I
एयरपोर्ट कर्मचारी से काफी मिन्नतें की अपनी सारी दिक्कते बताने के बाबजूद भी एयरपोर्ट कर्मचारी ने उनकी मिन्नतें ठुकरा दिए और बोले मैम नियम तो नियम हैं,उन्होंने ठंडे लहजे में कहा I गुस्से से भरी भूमि निराश,हताश थी I वह अपनी किस्मत को कोस रही थी,ट्राफिक को,शहर को और खुद को भी I वह टर्मिनल के कांच के उस पार खड़ी,आंसुओ और शिकायतों के बीच उस विमान को देख रही थी और मन ही मन यही बोल रही थी मैं अपने सपनों को लेकर उड़ान भरने वाली थी मगर मेरी किस्मत ही ख़राब हैं "भगवान ये मेरे ही साथ क्यों हो रहा हैं"
तभी, अचानक एक जोरदार धमाका हुआ I आसमान में फ्लाइट AI-171 आग का गोला बन कर धरती में गिरने लगा I एयरपोर्ट में चीख,पुकार अरफा-तरफी,दिल दहला देने वाला मंजर I भूमि की आंखे फटी की फटी रहा गई,वह पत्थर की मूर्ति-सी जड़ हो गई,उसके हाथ से बैग छुटकर फर्श पर गिर पड़ा I वह जिस विमान में मिनटों पहले चढ़ने की जिद कर रही थी अब वह आग की लपटों में जल रहा था I वह अभी भी उस दृश को पलक झपकते देख रही थी,वह विमान,वह आग,वह तबाही उसके कानों में सिर्फ सायरनों की आवाज़ और दिल में एक अजीब-सा खालीपन था I उसके पैर कांप रहे थे और दिमाग सुन्न,वह सदमे में थी ये सोच कर की अगर आज मैं 10 मिनट पहले आ जाती तो आग के हवाले हो चुकी होती I
"वो ट्राफिक की भयंकर जाम जिसे वह कोस रही थी,आज वह उसकी रक्षक बन चुका था I आज भूमि चौहान के आँखों में ना तो ख़ुशी थी और ना राहत बस एक ठंडा गहरा डर था- और एक ही सवाल जो उसे बार बार झकझोर रहा था,जो हुआ,क्या वह हकीकत थी,या कोई भयानक सपना था"
💖जाको राखे साईयां मार सके ना कोए... भूमि चौहान..
Blog : Badal Goswami
...osr...
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