चमत्कारी शक्स
अहमदाबाद में विमान दुर्घटना समाचार नहीं हैं, दुःख का पहाड़ है ना जाने कितने घरों पर टूट पड़ा हैं I वह विमान एक मशीन नहीं थी बहुत लोगों की उम्मीद थी जिसमें बैठें हर एक व्यक्ति कोई भारत का था,कोई विदेश का था,कोई माँ का बेटा था,कोई अपने भाई से मिलने जा रहा था,कोई छुट्टी मन के आ रहा था तो कोई अपने बेटे के पास लौट रहा था I लेकिन किसी को क्या पता था की ये उनकी अंतिम यात्रा बन जाएगी I यह सब उनकी महिमा हैं,जो दिखता नहीं चुपचाप अपना काम कर जाते हैं,उस शक्ति का हाथ सब पर रहे इतना ही बहुत हैं I
जी हां रमेश कुमार विश्वास की बात कर रहा हूँ,इस शख्स के साथ लगता हैं "भगवान" साथ में सफ़र कर रहे थे I इनका जीवन उन्ही के हाथ में था और जब वो साथ में हो,तो कोई छु नहीं सकता,आज प्रत्यक्ष रूप से विश्वास सामने हैं की ईश्वर चाहे तो कुछ भी कर सकता हैं,और ईश्वर चाहे तो कुछ होने भी नहीं दे सकता हैं I रमेश कुमार विश्वास आज जिन्दा हैं तो सिर्फ अपनी हिम्मत और भगवान की कृपा मगर उनके भाई की देहांत हो चूका हैं वो सिर्फ अकेला इन्सान बचे हैं, विमान AI-171 के क्रैश होने के बाद..
एक कहावत हैं 💖जाको राखे साईयां मार सके ना कोए... ये सच में रमेश कुमार विश्वास के साथ सच हुई हैं और आज जिन्दा है हॉस्पिटल में उनकी स्वस्थ होने की चिकित्सा चल रही और जल्द ही स्वस्थ हो जायेंगा I आज वो एक ही बात कर रहे हैं की मैं कैसे बच गया हूँ I वो आज भी इसे सपना समझ रहे हैं और बार बार एक ही बात कर रहे हैं, की मेरा भाई नहीं बच सका हमलोग दोनों साथ ही सीट मैं बैठे थे I मगर मैं तो बच गया,लेकिन वो क्यों नहीं बच सका,रमेश कुमार का ये सवाल ठीक हैं मगर कोई कैसे समझाये की ये कुदरत का करिश्मा हैं जो विमान AI-171 में 242 में 241 लोगों की मौत हो चुकी हैं सिर्फ आप ही बचे हो रमेश कुमार..
रमेश जी की कहानी सुन कर रोंगटे खड़े हो गए,सच में यह जीवन एक चमत्कार हैं अपने परिवार को वो सिर्फ यही फोन कॉल पर बता रहे हैं...
"मुझे नहीं पता मैं कैसे जीवित हूँ"
Blog : Badal Goswami
...osr...
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