तनख्वाह
"हमेशा इस बात को ध्यान रखना है की कोई भी काम करने से पहले पचास बार सोचे समझे और जानकारी ले के करे"
अरुण बहुत ही गरीब और मिडिल क्लास का लड़का था पिताजी के देहांत के बाद घर की बहुत सारी जिम्मेदारी उस पर आ गया था गाँव में कोई काम नहीं मिलने के कारण वो बहुत परेशान हो गया था,घर में माँ बहन की खर्च चलाना बहुत दिक्कत हो रहा था बहन की पढ़ाई के लिए पैसे की बहुत जरुरत थी,घर चलने के लिए वो शहर में काम करने की तम्मना ले कर अपनी स्नातक की पढ़ाई ख़त्म होने के बाद चल पड़ा शहर की तरफ मन में काफी तरह की ख्वायश ले के की बहुत कुछ करना हैं I लेकिन काफी सालों से एक नये शहर में रह रहा था जब वह गाँव से आया था तो अकेला था आगे पीछे कोई नहीं था क्योंकी पापा बहुत पहले ही छोड़ कर चले गए थे किसी तरह नये शहर में आ कर अपने आप को ढलने की बहुत कोशिश की मगर ढल नहीं पाया शहर में आ तो गया मगर ना रहने का ठिकाना ना खाने की कोई व्यवस्था थी किसी तरह अपने आप को सँभालते हुए कुछ दिनों बाद किसी पहचान के यहाँ रहने का ठिकाना मिला मगर काम ना होने की वजह से सारा दिन इधर उधर घूमता रहता था घर से जो पैसे लाया था वो भी धीरे धीरे ख़त्म होने लगा बेचैनी बढ़ने लगी अब क्या करे पैसे कहाँ से आएगा बड़ी सोच मैं आ गया चिंता से हालत ख़राब होने लगा I
Note..समस्या २० साल बाद भी आएगा अगर बिना सोचे समझे कदम बढ़ाये..
परेशानी तो था ही..काफी घुमने तलाशने के बाद बड़ी कोशिश से एक नौकरी लगी ३००० रूपये की मन में सोचा चलो कुछ तो मिला इसी में गुजारा करेंगे काम शुरू किया,क्या काम था सुबह १० बजे निकलता था और घर लौटने की कोई समय नहीं थी कभी रात १० बजे तो कभी रात ११ बजे घर पहुंचता था इस तरह काम चल रहा था मन को मार कर काम कर रहा था क्योंकी अपना खर्चा कैसे निकलेगा ये सोच कर चुप रहता था और निशब्द काम कर रहा था करीब ३ साल तक ऐसे ही काम करता रहा फिर उसे एक सज्जन मिले वो बोले मेरे यहाँ काम करो आपको अच्छा पैसा दूंगा आपकी तजुर्बा अच्छा हैं अरुण उनके यहाँ काम करने लगा जो कमाता घर में माँ,बहन के लिए भी कुछ कुछ भेज दिया करता था I
जिंदगी की गाड़ी अब नये काम के साथ चल रहा था फिर अचानक से अरुण को एक लड़की से प्यार हुआ काफी दिनों तक मिलता रहा बातें होती रही एक दुसरे को अच्छी तरह से जान जाने के बाद दोनों ने मंदिर में शादी कर ली फिर शादी के कुछ साल बाद उनके घर बेटी हुई उसकी पालन पोषण में लगे रहे जब बेटी बड़ी हुई स्कूल जाने के लायक हुई फिर दोनों पति पत्नी ने सोचा क्यों ना एक छोटा सा घर अपनी तनखाह के कुछ पैसे से और थोड़ा बैंक से लोन ले के लिया जाये दोनों ने काफी सोच विचार कर घर देखना शुरू किया काफी घर देखा I मगर उनके बजट से काफी ज्यादा था उन्हें लगा की हमारे किस्मत में अपना घर नहीं हैं दोनों बहुत दुखी हो गये फिर अरुण की धरम पत्नी ने सलाह दी की शहर में घर बहुत महंगा हैं थोड़ा शहर से बाहर कोशिश करते है सस्ते में शायद मिल जाये फिर शहर से बाहर घर देखना शुरू किया बहुत कोशिश से एक घर मिला शहर से काफी दूर मगर दोनों यही सोच रहे थे की घर तो देख लिया लेकिन पैसे कहाँ से आएगा घर खरीदने के लिए हमारे पास तो सिर्फ महीने की तनख्वाह ही है जो हर महीने आती हैं सोचा अब घर देख लिया तो किसी तरह ले लेते है इधर उधर से कुछ पैसे कर्ज लिए कुछ पैसे बैंक से लिए कुछ होम लोन हुआ आखिरकार उन्होंने घर ले ही लिया पहले महीने तो कोई दिक्कत नहीं हुआ फिर दुसरे महीने से जिस जिस से पैसे लिए वो बोलने लगे मेरे पैसे कब दोगे अब एक समस्या नयी ले ली अरुण की तनखाह ज्यादा ना होने की वजह से परेशनी बढ़ने लगी आज दोनों उस मुकाम पर आ गये की कर्ज ज्यादा हो गया हैं अब दोनों पति पत्नी को काम करना पड़ रहा हैं I
अब आपको एक अच्छी सी जानकारी देता हूँ ये हमेशा अपने जेहन में रखना
हमारे देश में बहुत से जानकार लोग हैं जो आपको समय समय पर कुछ ना कुछ जानकारी देते रहते हैं समाचार पत्र,टेलीविज़न और किताबों में,अरुण ने भी किसी जानकर से बात की और उन्हें अपने बारे सारी बातें बताई I तब उन्होंने बहुत सारी जानकारी दी जो बेहद जरुरी थी जो बहुत लोगों को मालूम नहीं होगा जब उनकी बात सुनी तो वह बेहद अचंभित हुआ,की गलती कहाँ हुई,अब मैं आप लोगों को ये बात साँझा करना चाहता हूँ I
घर लेने से पहले आप क्या सबको ये जानकारी पता होनी चाहिए
अगर आप नौकरी करते हैं और आपकी तनख्वाह एक लाख रुपया हैं तो आप एक अच्छा सा घर ले सकते हैं क्योंकी आपकी तनख्वाह की २५% आपकी घर की मासिक क़िस्त जो बनेगी वह आपको २० साल या १५ साल तक देनी ही होगी और २५% बच्चों की शिक्षा में आपको खर्च होगा उस पैसे को आप बचा नहीं सकते हैं और २५% चिकित्सा के लिए बचाना पढ़ेगा क्योंकी अचानक से परिवार में किसी की भी तबियत ख़राब हो सकती हैं और उस समय आपको इलाज के लिए पैसे होना बहुत जरुरी हैं और जो बचा वो घर का खर्चा और आगे की बचत के लिए आपको रखना होगा,क्योंकी कब किस तरह की जरूरत आ जाये ये कोई नहीं कह सकता हैं,सयुंक्त परिवार वाले को बहुत कुछ देख सोच कर चलना पड़ता हैं मेरा कहने का मतलब ये हैं की एक लाख की तनख्वाह तो फिर भी ठीक हैं ये अपना गुजर बसर कर लेंगे किसी तरह अपना घर चला लेंगे और अगर किसी की तनख्वाह ४०,से ७०,८० हो तो वो क्या करेंगे घर लेना सही होगा ? मेरे हिसाब से तो घर लेना ठीक नहीं होगा क्योंकी अगर आप नयी नयी नौकरी कर रहे हो,तो आप घर ना खरीदो तो ज्यादा अच्छा हैं एक तो नौकरी नयी हैं उस पर घर खरीदना सही नहीं हैं आपका कब तबादला हो जायेगा दुसरे शहर में आपको खुद मालूम नहीं होगा इतने कम तनख्वाह में किराये के घर में रहना ज्यादा अच्छा हैं जब तबादला होगा तो दुसरे शहर में फिर किराये पर घर ले लो और आराम से रहो और बचत करो जब अच्छा बचत हो जाये तब फिर कही अच्छे जगह पर घर ले लो I
एक बार आप अगर घर ले लिये तो फिर आप उस शहर को छोड़ नहीं सकते आपको २० या १५ साल तक उसी शहर में रहना पड़ेगा और नौकरी करना पड़ेगा ये तो ठीक हैं पर कुछ और भी है आप नौकरी छोड़ कर नौकरी नहीं ढूंड सकते ये बेबकूफी होगी मेरे हिसाब से कही भी लंबें समय तक जा नहीं सकते हो क्योंकी आपको घर का लोन चुकता करना होगा और दूसरी एक बात ये हैं की कोई घर खरीद कर किराये के मकान पर थोड़े रहते हैं खर्च ज्यादा होगा आपका बजट ख़राब हो जायेगा और आप कर्ज के दवाब मैं आ जाओगे और कम तनख्वाह पर तो घर खरीदना ठीक नहीं हैं,जानकारों का कहना हैं कि घर खरीदने से पहले आप अपने बजट को ठीक करे कुछ पैसे बचत करे जिससे की आप जब भी घर ख़रीदे तो आपको बैंक से लोन कम लेना पड़े और आप ज्यादा से ज्यादा पैसा आप अपने बचत किये हुए पैसे लोन वाले को दे सके जिससे की आपको बैंक से लोन का बोझ कम पड़े और मासिक क़िस्त भी कम हो जो आप होम लोन जल्द से जल्द चूका सके इन सब बातों को ध्यान में रख्नने से परिवार को सुकून से चला सकते हैं और कर्ज भी ज्यादा नहीं होगा I घर खरीदने से पहले इन सारी बातों को अगर आप ध्यान में रखेंगे तो बड़े आराम और आसानी से घर खरीद सकते हैं और बहुत ही आनंद से अपने घर में पुरे परिवार के साथ रह सकते हैं I
कहने का मतलब जब से डिजिटल और ऑनलाइन लोन की व्यवस्था हुई लोग कर्जदार भी हुए और लोन वाले युवा पीढ़ी को लोन देकर इन्हें ब्लैकमेल कर रहे है सबसे बड़ी बात ये हैं की युवा सबसे ज्यादा कर्जदार हुए मगर युवा पीढ़ी अगर कर्जदार हो जायेंगे तो फिर देश का विकास कैसे होगा..सोचने वाली बात हैं..
!! हमेशा ये बात अपने को ध्यान रखना है की कोई भी काम करने से पहले सोच समझ कर और अपने करीबी जानकार लोगों की राय ले कर और किसी जानकार से पूछ कर समझ ले I फिर वो काम करे इससे आप कभी भी धोखा नहीं खायेगे और परेशान नहीं होंगे !!
"भविष्य में और सब तो ईश्वर पर छोड़ दे सब अच्छा होगा"
Blog : Badal Goswami
..osr..

Achha likhe hain badalg
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