बेबस बचपन

                                                       

                                          

हमारा भारत देश बहुत विशाल हैं,हमारे देश की जनसंख्या आज के तारीख में विश्व में दुसरे स्थान पर हैं और चीन पहले स्थान में हैं I जिस देश की जनसंख्या ज्यादा होगी वहाँ भूखमरी भी ज्यादा होगी I जिससे बेरोजगारी भी बढ़ेगी लोग अपने पेट भरने के लिये कुछ भी काम करेंगे I देश की आबादी के हिसाब से सभी चीजों की मांग भी बढ़ेगी,मगर आपको हमको सभी को आत्म निर्भर बनना पड़ेगा I  

देश बचेगा नहीं तो पहले की तरह गुलाम बनने में समय नहीं लगेगा,क्योंकी भारत पर सभी देशों की निगाह है I हमारे देश में गरीबों की संख्या सबसे ज्यादा हैं किसी ज़माने में भारत की आर्थिक स्थिति चीन से बहुत अच्छी थी ४० साल पहले चीन भारत से काफी गरीब देश था मगर अब चीन को मैकेंजी की रिपोर्ट के अनुसार चीन अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा पैसे वाला देश बन चूका हैं और हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहता हैं क्योंकी चीन की (जीडीपी) "सकल घरेलु उत्पात" में काफी आगे हैं अब आप जान ही गये हैं की चीन क्यों सबसे आगे निकल रहा हैं आज के तारीख में चीन में हर एक आदमी पैसेवाला मतलब आमिर हैं वो लग्जरी चीजें इस्तमाल और लग्जरी जीवन जीते हैं और हमारे देश में जो गरीब हैं वो और गरीब होते जा रहे हैं,क्योंकी महंगाई चरम सीमा पर हैं I लिखने लगे तो बहुत कुछ हैं इस विषय पर मगर मैं कुछ और लिख रहा हूँ I


एक परिवार में घर को चलाने के लिए माँ बाप की सबसे अहम् भूमिका होती हैं अगर बाप नहीं हैं तो माँ परिवार को चलाने के लिए जद्दो जहद लगा देती हैं खुद भूखे रह कर पहले बच्चों के पेट भरने की सोचती हैं I लेकिन माँ बाप दोनों अगर मिल के घर को चला रहे हैं तो बच्चों के परवरिश में कोई परेशानी नहीं होती हैं और परवरिश में छिपा होता हैं बच्चों की भविष्य I ये दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी माँ बाप को अपने आखरी साँस तक जीवित रखती हैं I

किसी गाँव में एक छोटा सा परिवार अपने माँ बाप के साथ मतलब ख़ुशी ख़ुशी रह रहे थे कुछ दिनों के बाद माँ की बीमारी से मौत हो गयी फिर कुछ दिनों बाद बाप भी चल बसे,अब उस परिवार में तीन ही लोग बचे थे बीबी बच्ची और उसके पिता किसी तरह घर चल रहा था समय बिताता गया बच्ची बड़ी होने लगी I जब तक अपने पिताजी के पैसे थे घर चला I लेकिन अब घर चल नहीं पा रहा था,बहुत दिक्कत होने लगी फिर इन्होने सोचा चलो शहर चल कर कुछ काम कर लेंगे और बेटी को भी पढ़ाई लिखाई करवाएंगे I ये सोच कर शहर आ गए,लेकिन अक्सर आप जो सोचते हो वो होता नहीं और उपर से उल्टा हो जाता हैं,यही बात इनके साथ हुआ I पिता सारा दिन नौकरी की तलाश में इधर उधर भटकता रहा काफी दिनों तक मगर कोई नौकरी मिली नहीं फिर हार कर रिक्शा चलाना शुरू किया I

माँ बेटी सड़क पर बैठे रहती एक मंदिर के पास जो भी लोग वहाँ से जाते छोटी बच्ची को देख कुछ खाने को दे देते,कभी कभी लोग कपड़े और पैसे भी उसके माँ देते हैं I ये सिलसिला काफी दिनों तक इसी तरह चल रहा था I मैं इन दोनों माँ बेटी को पांच साल से देख रहा हूँ लेकिन एक दिन अचानक से ये लोग मंदिर के पास बैठना बंद कर दिए वो दिखते नहीं थे,फिर एक दिन मैंने एक बूढ़े बाबा से पूछा..बाबा यहाँ एक औरत अपने एक छोटी से बिटिया के साथ बैठा करती थी वो कहाँ गयी,आज कल बैठती नहीं और इधर उधर दिखती भी नहीं,बाबा बोले आप कौन हो उसके गाँव से आये हो क्या मैंने बोला नहीं मुझे उस छोटी सी गुड़िया को कुछ देना हैं I

बाबा बोले अरे बेटा क्या बताऊ,उस बेचारी अभागी के साथ अच्छा नहीं हुआ,बाबा बोले वो औरत अपने बिटिया के साथ यहाँ बैठा करती थी लेकिन अचानक से एक दिन कुछ लोग आये और बोले यहाँ से हट जाओ पानी की पाईप लाइन बिछानी हैं इसलिए ये जगह खाली करो इसी दौरान जो ट्रक पाईप ले के आई थी वो पीछे की तरफ ध्यान नहीं दे सका और उस महिला के पैर में काफी गंभीर चोट लग गयी,हल्ला हुआ पैर में चोट लगा दिया ट्रैक वाले ने,फुटपाथ में बैठने वाले का कौन सुनता हैं बात आगे बढ़ने से पहले ठेकेदार ने कुछ पैसे देकर अस्पताल में भर्ती करवा दिया और कहा पुलिस को कुछ बोलने की जरुरत नहीं है और पैसे दूंगा,ये बोल कर ठेकेदार चला गया I वो बेचारी क्या करती पति गरीब पहले इलाज जरुरी हैं ये सोच कर वो चुप रही और अस्पताल में भर्ती हो गयी I कुछ दिनों बाद डॉक्टर ने कहा पैर में इन्फेक्शन हो गया हैं पैर कटना पड़ेगा ये सुन कर औरत बेहोश हो गयी और जब होश में आई तो महसूस हुई की उसका एक पैर कट चूका हैं वो बहुत फुट फुट कर खूब रोई अपनी बिटिया की तरफ देखदेख कर,की अब इसका पालन पोषण कैसे करुँगी,पति रिक्सा से जो कमाता हैं वो शराब पीने में ख़त्म कर देता हैं,कहाँ जाउंगी क्या करुँगी,ये सोच सोच कर वो पागल सी हो रही थी लेकिन सभी ने समझाया I बाबा बोले आएगी कुछ दिनों बाद जब वो ठीक हो जाएगी,ठीक हैं फिर मिलते हैं I 

कुछ दिनों बाद मैं उस रास्ते से गुजर रहा था तो देखा की वो बच्ची फुटपाथ पर खेल रही थी और उसकी मम्मी थोड़ी दूर में एक व्हीलचेयर में बैठी हुई थी और उसके पैर में मेडिकल पट्टी बंधी हुई थी I मैंने अपनी मोटरसाइकिल रोक कर बात की वो सारी घटना बताई,सुन के बहुत दुःख हुआ,मैंने बहुत सारी बातें की मुझे उसकी बात सुन कर आखों में आंसू आ गया I उसको अपनी बेटी की बहुत चिंता हैं वो कहती हैं की उसका पति को कही काम नहीं मिल रहा हैं रिक्शा से जो कमाता वो शराब पीने में ख़त्म कर देता हैं मैं अपाहिज हो गयी हूँ,बेटी की परवरिश कैसे करुँगी ये सोच सोच के मैं बहुत परेशान हो रही हूँ,कहती हैं बेटी मेरी सारी ख़ुशियां हैं इसके लिया मैं भी लोगो से कुछ मांगते रहती हूँ,कोई भी गाड़ी यहाँ रुकती है तो बेटी दौड़ कर गाड़ी वाले के पास चली जाती है मैं तो भाग नहीं पाती मगर लोग कुछ ना कुछ दे देते हैं और बहुत लोग कुछ भी नहीं देते हैं ये देख कर मुझे बहुत दुःख होता हैं I वो बोली मैं एक माँ हूँ,मेरी बेटी लोगो से भीख मांग रही है,अभी तो इसके खेलने कूदने और स्कूल जाने के समय हैं मगर मैं एक अभागी माँ हूँ जो बेटी के लिए कुछ कर नहीं पा रही हूँ I

ईश्वर ने मानव की रचना की हैं और माँ ने जीवन दे कर इसे आगे बढ़ाया फिर इस संसार की जीवन आगे बढ़ने लगी I माँ वो सरल कोमल और ममता भरी वो प्याला हैं जो कोई भी सुनता हैं ना  माँ शब्द मन बहुत प्रफुल्लित हो जाता हैं I नौ महीने बच्चे को अपने खोख में निस्वार्थ पालती हैं और उसको इस संसार में लाने में कितनी परेशानी और जिद्दो जहद करनी पड़ती है ये वह माँ ही जानती हैं I इसलिए माँ के लिए हर बच्चा दिल का टुकड़ा होता हैं,उसे इन्सान बनाने में वो कोई भी कसर नहीं छोड़ती हैं चाहे वो बच्चा बड़ा हो कर माँ की देखभाल या ध्यान नहीं रखता हो मगर माँ कभी ये सोच कर बच्चे को जन्म नहीं देती की वो मेरा ख्याल रखेगा की नहीं ,माँ की करुना और ममता भरी प्रेम ये सब सोचने नहीं देती हैं इसलिए भगवान ने माँ को बनाया हैं I

समय बिताता गया कुछ महीने के बाद मैं उसी रस्ते से जा रहा था तो देखा वो औरत व्हीलचेयर में बैठी हैं I मैंने अपनी गाड़ी वही फुटपाथ पर रोका तो वो छोटी सी गुड़िया भाग कर मेरे मोटर साइकिल के पास आ गयी और बोली दो हाथ आगे बढ़ा कर मैंने एक बिस्कुट की पैकेट पहले ही रख लिया था फिर मैंने वो बिस्कुट की पैकेट उसे पकड़ा दिया वो बहुत खुश हो गयी I मैंने उसके माँ से पूछा कैसी हो बोली ठीक हूँ फिर मैंने इशारा से पैर की ओर देखा वो बोली नकली पैर जल्द लगवा लुंगी बात हो गयी है उसके बाद कुछ काम करुँगी और बेटी को स्कूल में दाखिला कराउंगी I मैंने उसके आँखों में एक ख़ुशी देखी जो आप लोगो को बता नहीं पा रहा हूँ मुझे भी बहुत ख़ुशी हुई चलो अपने पैर पर खड़ा होने को एक माँ कितनी मेहनत और इंतजार कर रही हैं,ईश्वर इसकी सारी  तम्मना पूरी करे I 

"सच मानो तो गरीब और गरीब होते जा रहे.अमीर और अमीर होते जा रहे हैं सिर्फ हमारे  देश की अर्थव्यवस्था के चलते .. 

"भगवान् इस माँ को हिम्मत देना इस संसार से लड़ने को,अपाहिज हो कर भी बेटी के सपनों को साकार करने में लगी हैं"


Blog : Badal Goswami     

                                                                ..osr..

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