उपहार
" आपका प्यार सच्चा और पवित्र हैं " भारतवर्ष एक बहुत बड़ा देश हैं यहाँ भिन्न भिन्न तरह के लोग रहते है और अपनी जीवन जीने के लिए बहुत कुछ कर रहे है आइये आपको एक सच्ची कहानी सुनाता हूँ शायद आपको पसंद आये.. सुबह ६ बजे अलार्म बजें चाय,नास्ता पानी कर के घर से "वाहे गुरूजी" के नाम लेके निकल गये, स्कूटर पर किक पे किक मारे जा रहे हैं.उस समय के सबसे जाने माने स्कूटर vespa जो शायद नाम आपको मालूम होगा.रोज मरे की सफ़र हो गयी शुरू काम कुछ खास नहीं हैं.बस खिलोनों की बिज़नस हैं,कभी हमलोग खिलोनें बन जाते कभी लोगों के हाथ में हम खिलोनें पकड़ा देते.चले जाते भीड़ भाड़ में और कभी रत्नाल के गलियों में कहीं शोर तो कहीं सन्नाटा ऐसा ही बिज़नस का हाल.कभी मुनाफा तो कभी घाटा सफ़र जारी हैं.जहाँ एक ही नारा “रुकना नहीं थमना नहीं आगे बढ़ते जाना” फिर एक दिन किसी के बातों बातों में एक मन्नत मिल गया.जहाँ खुद की कंपनी उस का नाम और उसमें मेहनत.. मेहन...